एक बार निदान (डाइग्नोसिस) हो जाने पर, तुरंत (NOW) करने योग्य महत्वपूर्ण बातें:
- निदान के बारे में अपने परिवार के डॉक्टर से परामर्श करें और आवश्यकतानुसार घरेलू सामान की जरूरत के बारे में बात करें। आपके डॉक्टर (GP) अस्पताल के बिस्तर, कमोड, वॉकर, यदि आवश्यक हो तो घरेलू देखभाल के घंटों आदि के लिए मेडिकेयर को लिखकर दे सकते हैं।
- दैनिक जीवन में शामिल लोगों के साथ एक पारिवारिक बैठक (फैमिली मीटिंग) करें ताकि वर्तमान स्थितियों पर चर्चा की जा सके और भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाया जा सके — प्रतिक्रियाशील (रिएक्टिव) स्थिति के बजाय सक्रिय (प्रो-आएक्टिव) स्थिति से काम करना बेहतर है। आपात स्थिति इस बात पर चर्चा करने का समय नहीं है कि किसी व्यक्ति को कहाँ रहना होगा और कौन और कैसे देखभाल प्रदान करेगा।
- इसमें परिवार की वित्तीय स्थिति भी शामिल है: मेडिकेयर के लिए आवेदन करने हेतु एक संरचित योजना तैयार करना, जीवनसाथी की संपत्ति की सुरक्षा के लिए एक अपरिवर्तनीय ट्रस्ट (इरीवोकेबल ट्रस्ट) सहित एस्टेट योजना बनाने के वास्ते बुजुर्गों की देखभाल के वकील (एल्डरकेयर अटॉर्नी) से मिलना। यह काम करने में कभी भी देर नहीं होती! इस बारे में बात करना कि किसे हेल्थ केयर प्रॉक्सी होना चाहिए और किसके पास ड्यूरेबल पावर ऑफ ATTORNEY होनी चाहिए। कृपया हमारे CAREGIVING & SUPPORT टैब के अंतर्गत दी गई जानकारी देखें और फिर Legal and Financial Planning पर क्लिक करें।
- हमारे सहायता समूहों (सपोर्ट ग्रुप्स) में से किसी एक में शामिल होने के बारे में सोचें और आवश्यकताओं के उत्पन्न होने पर उचित रूप से प्रतिक्रिया देने में सक्षम होने के लिए लगातार हमारी वेबसाइट के संपर्क में रहें। और यह जान लें कि आप सप्ताह के सातों दिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक हमेशा हमारी हेल्पलाइन पर 516-218-2026 पर कॉल कर सकते हैं।
व्यावहारिक पहलू:
- घर में आना-जाना आसान बनाने के लिए फर्नीचर को दोबारा व्यवस्थित करें।
- शांत और सुकून भरा माहौल देने के लिए फालतू सामान, पैटर्न वाले तकिए, दीवार पर टंगे सामान और सजावटी कालीनों को हटा दें।
- सुखद संगीत बजाएं।
- सुरक्षित व्यायाम और ऐसी गतिविधियों को जारी रखें या अपनाएं जो आनंददायक हों….जब चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां पैदा होती हैं, तो जीवन की गुणवत्ता हर किसी की मानसिक और शारीरिक भलाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।
- चीजों के साथ बहते रहने का रवैया अपनाएं और यह समझें कि जैसे-जैसे चीजें बदलती हैं, यह अनुमान लगाना महत्वपूर्ण है कि वे बदलेंगी।
- सक्रिय (प्रो-आएक्टिव) रहें लेकिन भविष्य के बारे में बहुत अधिक चिंता न करें। वर्तमान में बने रहने से चिंता कम होगी। अभी (NOW) के खास पलों का आनंद लें।